
पिछली कथा में हमने देखा कि कैसे वन की पवित्र भूमि पर, महर्षि वाल्मीकि के आश्रम में, राम, सीता और लक्ष्मण का वह दिव्य मिलन हुआ जिसने रामकथा को उसका सबसे प्रामाणिक स्वर दिया। वहाँ राम ने अपना हृदय खोलकर कहा, सीता ने संकोच और धैर्य के साथ आशीर्वाद माँगा, और महर्षि वाल्मीकि ने उन्हें संरक्षण, प्रेम और सत्य का वचन दिया। चित्रकूट का मार्ग निश्चित हुआ, और वनवास का एक स्थिर अध्याय आरंभ होने को था।
पर उसी समय, अयोध्या में सब कुछ स्थिर नहीं था। आज की कथा हमें उस नगर की ओर ले जाती है, जहाँ राम के बिना सिंहासन सूना था, जहाँ दीप जल रहे थे पर प्रकाश नहीं था, और जहाँ राजा दशरथ के प्राण त्याग के बाद पूरा नगर शोक में डूबा हुआ था। गुरु वशिष्ठ के मार्गदर्शन में दूत भेजे गए, और भरत तथा शत्रुघ्न को बिना कारण बताए अयोध्या लौटने को कहा गया। पर नियति अपने संकेत पहले ही भेज चुकी थी, केकय देश में भरत के स्वप्न अशुभ थे, मन व्याकुल था, और हृदय किसी अनजाने भय से घिरा हुआ था। जैसे ही भरत अयोध्या की सीमा पर पहुँचे, उन्होंने नगर को पहचान लिया और फिर भी पहचान नहीं पाए। जहाँ कभी उल्लास था, वहाँ अब मौन था। जहाँ कभी मंगल था, वहाँ अब शोक छाया हुआ था। आज की कथा उस क्षण से आरंभ होती है, जब भरत अयोध्या लौटते हैं, रानी कैकेयी के शब्द उनके कानों में पड़ते हैं, राम, सीता और लक्ष्मण के वनवास का रहस्य खुलता है, और पिता के देहावसान का समाचार उनके हृदय को चीर देता है। यहीं हम देखेंगे भरत का पश्चात्ताप, उनका क्रोध, उनका टूटना, और साथ ही देखेंगे रानी कौशल्या का वह वात्सल्य, जो बिना किसी दोषारोपण के, एक पुत्र को ऐसे अपनाता है मानो स्वयं राम लौट आए हों। तो आइए, आज की कथा आरंभ करते हैं, अयोध्या के उसी शोकाकुल महल में, जहाँ इतिहास भरत को दोषी ठहराने को तैयार है, पर धर्म भरत को एक ऐसे मार्ग पर ले जाने वाला है जो राजसिंहासन से नहीं, राम के चरणों से होकर गुजरता है।
Spotify, Apple Podcasts और YouTube पर उपलब्ध!
Ramayan, Sita, Raavan, Ram, Lakshman, Hindu mythology, Indian epics, Valmiki Ramayan, Ramayan stories, Hanuman, Ramayan podcast, Indian culture, Dharm, Hindu traditions, Ramayan episodes, Spiritual stories, Indian history, Lord Vishnu, Ramayan characters, Raavan's tyranny, Sita's captivity, Ancient India, Hindu epics, Inspirational stories, Devotion, Moral lessons, Storytelling, Indian mythology