Home
Categories
EXPLORE
True Crime
Comedy
Society & Culture
Business
Sports
TV & Film
Technology
About Us
Contact Us
Copyright
© 2024 PodJoint
00:00 / 00:00
Sign in

or

Don't have an account?
Sign up
Forgot password
https://is1-ssl.mzstatic.com/image/thumb/Podcasts211/v4/d2/a7/62/d2a76243-8a48-e297-d1de-c24a54685fe4/mza_1598597019255647163.jpg/600x600bb.jpg
श्री भगवद गीता अध्याय 1 - 18 | संपूर्ण श्लोक अर्थ एव
Yatrigan kripya dhyan de!
24 episodes
3 weeks ago
📄 Description: "जय श्री कृष्णा! आप सभी का स्वागत है श्रीमद्भगवद गीता के 18वें अध्याय के इस दिव्य सफर में। इस वीडियो में हम अध्याय 18 के संपूर्ण 78 श्लोकों का अर्थ और व्याख्या विस्तार से समझेंगे। यह अध्याय त्याग, मोक्ष और धर्म का सार प्रस्तुत करता है, जहां भगवान श्री कृष्ण अर्जुन को अपने अंतिम उपदेश देते हैं। 🌸 आइए, इस ज्ञानयज्ञ में सहभागी बनें और अपने जीवन को अध्यात्मिक प्रकाश से आलोकित करें। 🕉️ मुख्य विषय: संन्यास और त्याग का रहस्य कर्म और फल की निर्लिप्तता परमात्मा की शरणागति का महत्व धर्म का सर्वोच्च रूप 🔔 इस ज्ञान से जुड़े रहने के लिए चैनल को सब्सक्राइब करें और वीडियो को लाइक और शेयर
Show more...
Hinduism
Religion & Spirituality
RSS
All content for श्री भगवद गीता अध्याय 1 - 18 | संपूर्ण श्लोक अर्थ एव is the property of Yatrigan kripya dhyan de! and is served directly from their servers with no modification, redirects, or rehosting. The podcast is not affiliated with or endorsed by Podjoint in any way.
📄 Description: "जय श्री कृष्णा! आप सभी का स्वागत है श्रीमद्भगवद गीता के 18वें अध्याय के इस दिव्य सफर में। इस वीडियो में हम अध्याय 18 के संपूर्ण 78 श्लोकों का अर्थ और व्याख्या विस्तार से समझेंगे। यह अध्याय त्याग, मोक्ष और धर्म का सार प्रस्तुत करता है, जहां भगवान श्री कृष्ण अर्जुन को अपने अंतिम उपदेश देते हैं। 🌸 आइए, इस ज्ञानयज्ञ में सहभागी बनें और अपने जीवन को अध्यात्मिक प्रकाश से आलोकित करें। 🕉️ मुख्य विषय: संन्यास और त्याग का रहस्य कर्म और फल की निर्लिप्तता परमात्मा की शरणागति का महत्व धर्म का सर्वोच्च रूप 🔔 इस ज्ञान से जुड़े रहने के लिए चैनल को सब्सक्राइब करें और वीडियो को लाइक और शेयर
Show more...
Hinduism
Religion & Spirituality
https://d3t3ozftmdmh3i.cloudfront.net/staging/podcast_uploaded_nologo/42709638/42709638-1734880138799-5f9f2b6b992d9.jpg
श्रीमद् भगवद् गीता अध्याय 17 | श्रद्धा के तीन स्वरूप | संपूर्ण 28 श्लोक अर्थ एवं व्याख्या
श्री भगवद गीता अध्याय 1 - 18 | संपूर्ण श्लोक अर्थ एव
24 minutes 50 seconds
1 month ago
श्रीमद् भगवद् गीता अध्याय 17 | श्रद्धा के तीन स्वरूप | संपूर्ण 28 श्लोक अर्थ एवं व्याख्या

श्रीमद् भगवद् गीता के अध्याय 17 में भगवान श्रीकृष्ण श्रद्धा के तीन स्वरूपों — सात्त्विक, राजसिक और तामसिक — का गहराई से वर्णन करते हैं। इस अध्याय में यह बताया गया है कि व्यक्ति की श्रद्धा उसके स्वभाव के अनुरूप होती है और वही उसके कर्म, आहार, यज्ञ, तप तथा दान को प्रभावित करती है।
इस ऑडियो में सभी 28 श्लोकों के अर्थ और विस्तृत व्याख्या सरल हिंदी में प्रस्तुत की गई है, ताकि श्रोता आत्मज्ञान और श्रद्धा के वास्तविक स्वरूप को समझ सकें।
🙏 सुनिए और जानिए – सच्ची श्रद्धा कैसी होती है और वह जीवन को किस दिशा में ले जाती है।

🎙️ Tags:
Bhagavad Gita, Gita Chapter 17, Shrimad Bhagavad Gita, Shraddha ke teen swaroop, Geeta path, Krishna teachings, Spiritual podcast, Geeta vyakhya, Hindu philosophy, Sanatan Dharma, Motivational Hindi

श्री भगवद गीता अध्याय 1 - 18 | संपूर्ण श्लोक अर्थ एव
📄 Description: "जय श्री कृष्णा! आप सभी का स्वागत है श्रीमद्भगवद गीता के 18वें अध्याय के इस दिव्य सफर में। इस वीडियो में हम अध्याय 18 के संपूर्ण 78 श्लोकों का अर्थ और व्याख्या विस्तार से समझेंगे। यह अध्याय त्याग, मोक्ष और धर्म का सार प्रस्तुत करता है, जहां भगवान श्री कृष्ण अर्जुन को अपने अंतिम उपदेश देते हैं। 🌸 आइए, इस ज्ञानयज्ञ में सहभागी बनें और अपने जीवन को अध्यात्मिक प्रकाश से आलोकित करें। 🕉️ मुख्य विषय: संन्यास और त्याग का रहस्य कर्म और फल की निर्लिप्तता परमात्मा की शरणागति का महत्व धर्म का सर्वोच्च रूप 🔔 इस ज्ञान से जुड़े रहने के लिए चैनल को सब्सक्राइब करें और वीडियो को लाइक और शेयर