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श्री भगवद गीता अध्याय 1 - 18 | संपूर्ण श्लोक अर्थ एव
Yatrigan kripya dhyan de!
26 episodes
1 week ago
📄 Description: "जय श्री कृष्णा! आप सभी का स्वागत है श्रीमद्भगवद गीता के 18वें अध्याय के इस दिव्य सफर में। इस वीडियो में हम अध्याय 18 के संपूर्ण 78 श्लोकों का अर्थ और व्याख्या विस्तार से समझेंगे। यह अध्याय त्याग, मोक्ष और धर्म का सार प्रस्तुत करता है, जहां भगवान श्री कृष्ण अर्जुन को अपने अंतिम उपदेश देते हैं। 🌸 आइए, इस ज्ञानयज्ञ में सहभागी बनें और अपने जीवन को अध्यात्मिक प्रकाश से आलोकित करें। 🕉️ मुख्य विषय: संन्यास और त्याग का रहस्य कर्म और फल की निर्लिप्तता परमात्मा की शरणागति का महत्व धर्म का सर्वोच्च रूप 🔔 इस ज्ञान से जुड़े रहने के लिए चैनल को सब्सक्राइब करें और वीडियो को लाइक और शेयर
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📄 Description: "जय श्री कृष्णा! आप सभी का स्वागत है श्रीमद्भगवद गीता के 18वें अध्याय के इस दिव्य सफर में। इस वीडियो में हम अध्याय 18 के संपूर्ण 78 श्लोकों का अर्थ और व्याख्या विस्तार से समझेंगे। यह अध्याय त्याग, मोक्ष और धर्म का सार प्रस्तुत करता है, जहां भगवान श्री कृष्ण अर्जुन को अपने अंतिम उपदेश देते हैं। 🌸 आइए, इस ज्ञानयज्ञ में सहभागी बनें और अपने जीवन को अध्यात्मिक प्रकाश से आलोकित करें। 🕉️ मुख्य विषय: संन्यास और त्याग का रहस्य कर्म और फल की निर्लिप्तता परमात्मा की शरणागति का महत्व धर्म का सर्वोच्च रूप 🔔 इस ज्ञान से जुड़े रहने के लिए चैनल को सब्सक्राइब करें और वीडियो को लाइक और शेयर
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Bhagavad Gita Chapter 13 – Kshetra Kshetrajna Yoga (34 Verses with Meaning)
श्री भगवद गीता अध्याय 1 - 18 | संपूर्ण श्लोक अर्थ एव
40 minutes 53 seconds
1 month ago
Bhagavad Gita Chapter 13 – Kshetra Kshetrajna Yoga (34 Verses with Meaning)

Chapter 13 of the Bhagavad Gita, titled Kshetra Kshetrajna Yoga or The Yoga of the Field and the Knower of the Field, explains the distinction between the physical body (Kshetra) and the soul (Kshetrajna). Lord Krishna describes how the body is the field of activity, while the soul is the knower and experiencer of that field. This chapter emphasizes self-realization, the understanding of material nature (Prakriti) and the Supreme Spirit (Purusha), and the path to true wisdom through knowledge of the Self and detachment from worldly desires.

श्री भगवद गीता अध्याय 1 - 18 | संपूर्ण श्लोक अर्थ एव
📄 Description: "जय श्री कृष्णा! आप सभी का स्वागत है श्रीमद्भगवद गीता के 18वें अध्याय के इस दिव्य सफर में। इस वीडियो में हम अध्याय 18 के संपूर्ण 78 श्लोकों का अर्थ और व्याख्या विस्तार से समझेंगे। यह अध्याय त्याग, मोक्ष और धर्म का सार प्रस्तुत करता है, जहां भगवान श्री कृष्ण अर्जुन को अपने अंतिम उपदेश देते हैं। 🌸 आइए, इस ज्ञानयज्ञ में सहभागी बनें और अपने जीवन को अध्यात्मिक प्रकाश से आलोकित करें। 🕉️ मुख्य विषय: संन्यास और त्याग का रहस्य कर्म और फल की निर्लिप्तता परमात्मा की शरणागति का महत्व धर्म का सर्वोच्च रूप 🔔 इस ज्ञान से जुड़े रहने के लिए चैनल को सब्सक्राइब करें और वीडियो को लाइक और शेयर