Send us a text क्या हो अगर आपका पूरा तंत्र एक ही संदेश पकड़ सके— “हम सुरक्षित हैं। हम बढ़ सकते हैं।” और वो संदेश ज़िन्दगी की शोर में भी गूंजता रहे? यही है रेज़ोनेंस। एक जैविक सामंजस्य, जहाँ दिल, फेफड़े, आँत, दिमाग और अवचेतन अलग‑अलग दिशाओं में खिंचने की बजाय एक ही सुर बजाने लगते हैं। इस एपिसोड में, हम समझेंगे कि आधुनिक VUCA दुनिया—Volatility, Uncertainty, Complexity, Ambiguity—कैसे इस गूंज को तोड़ती है और इसे वापस कैसे लाया जाए ताकि आपके निर्णय साफ़ रहें और आपकी ऊर्जा बिखरे नहीं। हम शरीर...
All content for एंटिफ्रैजीलिएंट OS: डेली नॉवशिफ्ट ट्रांसमिशन्स is the property of Dr Abhimanyou Raathore and is served directly from their servers
with no modification, redirects, or rehosting. The podcast is not affiliated with or endorsed by Podjoint in any way.
Send us a text क्या हो अगर आपका पूरा तंत्र एक ही संदेश पकड़ सके— “हम सुरक्षित हैं। हम बढ़ सकते हैं।” और वो संदेश ज़िन्दगी की शोर में भी गूंजता रहे? यही है रेज़ोनेंस। एक जैविक सामंजस्य, जहाँ दिल, फेफड़े, आँत, दिमाग और अवचेतन अलग‑अलग दिशाओं में खिंचने की बजाय एक ही सुर बजाने लगते हैं। इस एपिसोड में, हम समझेंगे कि आधुनिक VUCA दुनिया—Volatility, Uncertainty, Complexity, Ambiguity—कैसे इस गूंज को तोड़ती है और इसे वापस कैसे लाया जाए ताकि आपके निर्णय साफ़ रहें और आपकी ऊर्जा बिखरे नहीं। हम शरीर...
मैनेजर पार्ट्स का अनबर्डन करके छिपी क्षमताओं को जगाएँ
एंटिफ्रैजीलिएंट OS: डेली नॉवशिफ्ट ट्रांसमिशन्स
5 minutes
5 months ago
मैनेजर पार्ट्स का अनबर्डन करके छिपी क्षमताओं को जगाएँ
Send us a text हमारे मन में एक जटिल इंटरनल फैमिली सिस्टम काम करता है, जिसमें कई हिस्से (पार्ट्स) अपनी-अपनी भूमिकाएँ निभाते हैं। इस एपिसोड में, डॉ. अभिमन्यु राठौर (Clinical Psychologist & Functional Medicine Practitioner) आपको इन पार्ट्स में से सबसे अहम – मैनेजर पार्ट्स – से मिलवाते हैं। ये वही हिस्से हैं जो आपकी जिंदगी को सुचारू रूप से चलाने के लिए हमेशा सतर्क रहते हैं: प्लान बनानाऑर्गनाइज करनागलतियों से बचानाऔर कहता रहना — “तुम्हें यह करना चाहिए”जब संतुलन में हों, तो ये आपके सबसे भरोसेम...
एंटिफ्रैजीलिएंट OS: डेली नॉवशिफ्ट ट्रांसमिशन्स
Send us a text क्या हो अगर आपका पूरा तंत्र एक ही संदेश पकड़ सके— “हम सुरक्षित हैं। हम बढ़ सकते हैं।” और वो संदेश ज़िन्दगी की शोर में भी गूंजता रहे? यही है रेज़ोनेंस। एक जैविक सामंजस्य, जहाँ दिल, फेफड़े, आँत, दिमाग और अवचेतन अलग‑अलग दिशाओं में खिंचने की बजाय एक ही सुर बजाने लगते हैं। इस एपिसोड में, हम समझेंगे कि आधुनिक VUCA दुनिया—Volatility, Uncertainty, Complexity, Ambiguity—कैसे इस गूंज को तोड़ती है और इसे वापस कैसे लाया जाए ताकि आपके निर्णय साफ़ रहें और आपकी ऊर्जा बिखरे नहीं। हम शरीर...