
शास्वत विकास, जिसे अंग्रेजी में सतत विकास कहा जाता है, आधुनिक विश्व की एक महत्वपूर्ण एवं अनिवार्य संकल्पना के रूप में उभरा है। यह विकास का वह दर्शन है जो वर्तमान पीढ़ी की आवश्यकताओं की पूर्ति करते हुए भविष्य की पीढ़ियों के लिए संसाधनों एवं अवसरों को सुरक्षित रखने पर बल देता है।