
हमारी ज़िंदगी एक पाठशाला है, यहाँ हर दिन नए सबक़ सीखने को मिलते हैं। ज़िंदगी हर पल बदलती रहती है, यहाँ कुछ भी शाश्वत नहीं है। जो भी इस बदलाव को भाँप लेता है, एक नए सबक़ के साथ आगे बढ़ता है, वही जीतता है। जिस दिन हमने ख़ुद को सर्वज्ञाता समझ लिया, सीखना बंद कर दिया उसी दिन से हमारा पतन शुरू समझें।
सफलता चाहिए तो अपना सीखने का एण्टीना हमेशा ख़ुला रखें, ज़िंदगी के बदलाव और उतार-चढ़ाव आपका कुछ नहीं बिगाड़ पाएंगे। आपकी जीत पक्की है, क्योंकि हमारा जन्म ही जीतने के लिए हुआ है।