
यदि आप चाहते हैं कि लोग आपको जानें, आपकी तारीफ़ करें और आपका सम्मान करें तो आपको कामयाब होना होगा। क्योंकि अपमान का बदला आप कामयाब होकर ही ले सकते हैं। इस बात से कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता कि आज आप क्या हैं? किस स्थिति-परिस्थिति में हैं? जिस दिन आप कुछ बड़ा कर गुज़रते हैं ये दुनिया आपको सिर-आँखों पर बिठा लेती है। हमारे आस-पास हज़ारों ऐसे उदाहरण हैं, जिनसे यही समाज पहले नफ़रत करता था, कामयाब होने के बाद आज उन्हें ही पूजता है।