
जब भी हम कोई नया काम शुरू करते हैं तो अक़्सर हमारे आस-पास कुछ ऐसे नकारात्मक मानसिकता के रायबहादुर होते हैं, जो हमें हतोत्साहित करने की कोशिश करते हैं। हमारे काम में भविष्य में क्या-क्या परेशानियाँ और समस्याएं आ सकती हैं, गिनाने लगते हैं और हमारा हौसला तोड़ने की कोशिश करते हैं। भले ही उन्होंने जीवन में उस काम को न किया हो, या कोई दूसरा काम भी न किया हो, लेकिन राय देना अपनी शान समझते हैं। अक़्सर कई लोग इन रायबहादुर के झांसे में आकर अपना काम उस स्थिति में आकर छोड़ देते हैं जबकि वह पूरा होने वाला ही होता है और उसके परिणाम आने ही वाले होते हैं।