
इंसान का जीवन अपार सम्भावनाओं से भरा है। हर एक में इतनी ताक़त है कि वह अपने जीवन को बेहतरीन और बेमिसाल बना सकता है। लेकिन हममें से ज़्यादातर लोग ख़ुद की क्षमताओं का ग़लत अंदाज़ा लगा लेते हैं और दूसरों की तुलना में ख़ुद को कमतर मान लेते हैं। उन्हें अक़सर लगता कि यदि कोई और आकर सहायता करेगा तो ही उनका जीवन-यापन हो पाएगा। जबकि इतनी सम्भावना हमारे भीतर है कि हम अपने साथ-साथ दूसरों को भी मुश्किल दौर से बाहर निकाल सकते हैं। उनके जीवन में उम्मीद की एक किरण बन सकते हैं।