
अधिकांश लोग अपने लिए कोई न कोई लक्ष्य निर्धारित करते हैं। उन्हें हासिल करने के संसाधन भी जुटा लेते हैं। लेकिन अक़्सर अपना ‘समय’ ऐसे कार्यों में लगाते हैं, जो उन्हें उनके लक्ष्य से दूर ले जाते हैं। और कई बार तो ऐसा भी होता है कि लाख कोशिशों के बाद भी मनचाहे परिणाम नहीं मिलते और वे अपना ‘धैर्य’खो देते हैं। वे या तो थककर बैठ जाते हैं या फिर अपना रास्ता ही बदल लेते हैं। कई बार तो लोग ऐसे वक़्त पर हथियार डाल देते हैं जब बस अगले ही पल उन्हें वांछित परिणाम मिलने वाले होते हैं।
अपने लिए एक स्पष्ट लक्ष्य बनाएं,सही दिशा में ‘समय’, और धन का निवेश करें। फिर पूरे मनोयोग और ‘धैर्य’ के साथ तब तक लगे रहें जब तक उसे हासिल ना कर लें। आपकी जीत तय है।