
Meditation Episode 1 आत्म-स्वीकृति और आत्म-प्रेम (Self-Acceptance & Self-Love)
Meditation
इस ध्यान सत्र में आप आत्मस्विक्रिती और आत्मप्रेम की यात्रा करेंगे। यह ध्यान सत्र मानसिक और शारीरिक विश्राम के लिए डिज़ाइन किया गया है, ताकि आप खुद को पूरी तरह से स्वीकार कर सकें और अपने आप से सच्चा प्रेम कर सकें।
🔹 ध्यान की शुरुआत
इस ध्यान की शुरुआत हम 3-2-1 विधि से करेंगे। गहरी सांस लेकर, मानसिक रूप से संख्या 3 को 3 बार दोहराएं, फिर संख्या 2 और 1 को दोहराएं। इस प्रक्रिया से आपका मन शांत होगा और आप ध्यान की गहरी अवस्था में प्रवेश करेंगे।
🔹 शरीर का विश्राम
अब हम शरीर के हर हिस्से को विश्राम देंगे—सिर से लेकर पैरों तक। माथा, आँखें, चेहरा, गला, कंधे, छाती, पेट, हाथ, जांघें, घुटने, पिंडलियाँ और पैर, सभी को धीरे-धीरे शिथिल किया जाएगा। इससे आपका शरीर गहरी शांति में जाएगा।
🔹 ऊर्जा का प्रवाह
अब हम ऊर्जा को रीढ़ की हड्डी से सिर तक महसूस करेंगे। जैसे ही आप "ॐ" का जाप करेंगे, ऊर्जा धीरे-धीरे ऊपर बढ़ेगी और शरीर के चक्र खुलेंगे, जिससे शरीर में एक हल्की चमक और प्रकाश का अनुभव होगा।
🔹 चक्रों का जागरण
जैसे-जैसे ऊर्जा ऊपर बढ़ेगी, शरीर के सभी चक्र फूलों की तरह खुलेंगे और प्रकाश देंगे। सिर के ऊपर तक ऊर्जा पहुंचने पर, ऐसा महसूस होगा जैसे कमल का फूल खिल रहा हो और शरीर पूरी तरह से प्रकाशित हो रहा हो।
🔹 सकारात्मक कथन
अब हम कुछ सकारात्मक कथनों पर ध्यान केंद्रित करेंगे:
"मैं खुद से सच्चा प्रेम करता हूँ।"
"मैं अपनी कमजोरियों को भी प्रेम से स्वीकार करता हूँ।"
"मैं अपनी यात्रा में आगे बढ़ रहा हूँ।"
🔹 मानसिक शांति और ध्यान से बाहर आना
अब आप धीरे-धीरे ध्यान से बाहर आएंगे। मानसिक रूप से 1 से 5 तक गिनें, गहरी सांस लें, और आँखों को खोलें। यह आपको पहले से ज्यादा ऊर्जावान, स्वस्थ, और सकारात्मक महसूस कराएगा।
🕊️ समाप्ति
यह ध्यान सत्र यहीं समाप्त होता है। आभार व्यक्त करते हुए, आप अपनी आंतरिक शांति को बनाए रखें।
🎙️ सभी अधिकार
इस ऑडियो के सभी अधिकार आचार्य दीपक गुरुवीर के पास सुरक्षित हैं।
धन्यवाद और अपने भीतर की शांति को बनाए रखें।