
अयोध्या में भगवान श्रीराम के पुर्णआहूति महायग कार्यक्रम में यह कारसेवक शामिल होने गए थे. कारसेवकों की यह टोली लगभग 1700 की थी. राम का नाम लेते वापस लौट रहे यह कारसेवक नहीं जानते थे कि वापस लौटते वक्त उनकी आंखें ऐसा भयानक मंजर देखेंगी, जिसकी कल्पना भी करना असंभव था.