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YASHARIM EL BIBLE STUDY PODCASTE HINDI URDU
Yasharim El
327 episodes
1 day ago
#HINDI #URDU #PUJNABI #HEBREW #GREEK #LANGAUGE #LONG #DURATION #BIBLE #YOUTUBECHANNEL Every point, verse and word of this YouTube channel guides the lives of those who are called by God to be the true Christ And who want to walk according to God's will and who have a question in their mind that what is the truth? Where is the need for true grace? Where John 1 14And the Word became flesh, and dwelt among us, full of grace and truth Of his fullness we have grace and truth came through Jesus Christ.
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#HINDI #URDU #PUJNABI #HEBREW #GREEK #LANGAUGE #LONG #DURATION #BIBLE #YOUTUBECHANNEL Every point, verse and word of this YouTube channel guides the lives of those who are called by God to be the true Christ And who want to walk according to God's will and who have a question in their mind that what is the truth? Where is the need for true grace? Where John 1 14And the Word became flesh, and dwelt among us, full of grace and truth Of his fullness we have grace and truth came through Jesus Christ.
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Episodes (20/327)
YASHARIM EL BIBLE STUDY PODCASTE HINDI URDU
NEW YEAR 2026 OR 5786 VAV KA SAL YEAR OF VAV

HEBREW KA CHAT ANK VAV

JIKSA NISHAN KEEL

OR JO YE SAL HEBREW CLENDER KE MUTAB 5786 YE VAAV KA SAAL

TO IS VAAV KE SAAL KA PARKASHAN

YANI ANK 6 JISKA NISHAN CHIN HAI .,

KEEL .,  FAZL ORSACHCHAI KE ADHIN

FAZL OR SACHCHAI MASIH YESHUA KI MARIFAT PAUHHNHCI OR USKIMAMURI MEN SE HUM SAB NE PAYA YANI FAZL PAR FAZL .,

VAV HAI CHATA DIN OR CHATE DIN KYA HUA .,

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1 week ago
37 minutes 13 seconds

YASHARIM EL BIBLE STUDY PODCASTE HINDI URDU
YASA NAAM KA IBRANI PARKASHAN IN HINDI URDU

yāšaʿ to save, be saved, be deliveredto be liberated, be saved, be deliveredto be saved (in battle), be victorious(Hiphil)to save, deliverto save from moral troublesto give victory toיָשַׁע yâshaʻ, yaw-shah'; a primitive root; properly, to be open, wide or free, i.e. (by implication) to be safe; causatively, to free or succor:—× at all, avenging, defend, deliver(-er), help, preserve, rescue, be safe, bring (having) salvation, save(-iour), get victory.

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2 weeks ago
22 minutes 44 seconds

YASHARIM EL BIBLE STUDY PODCASTE HINDI URDU
मसीह में क़ामिल प्रेम masih men kamil prem

मसीह में क़ामिल प्रेम masih men kamil prem

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3 weeks ago
40 minutes 53 seconds

YASHARIM EL BIBLE STUDY PODCASTE HINDI URDU
APOSTLE प्रेरित sheliach

APOSTLE प्रेरित sheliach

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3 weeks ago
27 minutes 23 seconds

YASHARIM EL BIBLE STUDY PODCASTE HINDI URDU
पांच नंबर का प्रकाशन Fazl Grace अनुग्रह

“Fazl, Sachchai, 5 Roti 2 Machhli, Aur Masih Ki Ruh ka Asmani Bhed”Yūhannā 5:39 में लिखा है कि सारी Kitāb-e-Muqaddas Masih की तरफ इशारा करती है—Ank, Harf, Roti, Machhli, Zaboor, Torah — सब इसलिए लिखे गये कि हम Yeshua Masih को पहचानें,क्योंकि Zindagi KI RUH US MÊN HAI.⭐ Ruhaani Nishan – Ank 5 aur Ank 2 ka Asmani Bhed5 = Fazl, Beta ki Ruh, Zindagi ki Ruh, Satuti ka NishanIbrani Harf “ה – Hey”Torah ke 5 hisse150 Zaboor = 5 bhaagMasih ke Wasile: “Fazl par Fazl”2 = Sachchai ka NishanSachchai Pita mein हैFazl aur Sachchai Yeshua में एक हैं।5 Roti + 2 Machhli = 7Mukammal Imaan, Aaram ka Din, Kamilat ka numberEk Ruhani Tamsil ke taur par Masih ka jalwa⭐ 12 Tokri – 12 Rasool – 12 Hours – 12 Pehar7 (Kamil Imaan) + 5 (Fazl) = 12— Jo Rasoolon ki bhari hui tokriyon ki tarahFazl aur Sachchai ki rooh ko dikhata hai।720 minute = 12 hours4 pehar × 3 ghante = 12Sab mein Kamilat ka Bhed chhupa है।⭐ 5000 ki Jamaat – Fazl ki Ruh ka Nishan5000 (Class 5 ki tarah ek unit) = Fazl ki ek hi Ruh50-50 ki lines =Pentecost ka Nishan (Acts 2)Har line mein 100 log =100 guna phal, achchi zameen ka bhed (Mark 4:20)⭐ Bible References Covered:✔ Yohanna 5✔ 1 Corinthians 1–2✔ Luke 24✔ Matthew 14 (5 roti 2 machhli)✔ Luke 9 (5000 log)✔ Acts 2 (Pentecost – Fire Tongues)✔ Mark 4 (30–60–100 fold fruit)⭐ Message:Masih Yeshua Fazl ki Ruh hai.Masih Yeshua Sachchai ka Jalwa hai.Masih Yeshua Zindagi ki Ruh hai.Baap aur Beta ek hain.Agar tum Fazl ki Ruh se, Zindagi ki Ruh se, Masih ki Ruh se padhoge—तो har ayat Zindagi ban kar tum par zahir hogi.⭐ Hashtags (SEO Boost):#Fazl #Sachchai #MasihKiRuh #5Roti2Machhli #BibleNumerology#HebrewLetters #HeyLetter #BibleStudyHindi #YeshuaHaMashiach#Pentecost #HolySpirit #5000Feeding #Torah #Zaboor #GraceAndTruth

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1 month ago
17 minutes 55 seconds

YASHARIM EL BIBLE STUDY PODCASTE HINDI URDU
क्रोध परमेश्‍वर के धर्म का निर्वाह नहीं कर सकता। GUSSA KHUDA KI RASTBAZI KA KAM NAHI KARTA

👉 “क्रोध, व्यवस्था और अनुग्रह का रहस्य | क्यों व्यवस्था क्रोध उत्पन्न करती है? | Grace vs Law Bible Study”👉 “मूसा की व्यवस्था और मसीह का अनुग्रह – बाइबल का गहरा रहस्य”📝 YouTube Description (Hindi + SEO)बाइबल सिखाती है कि क्रोध (Gussa / Wrath) परमेश्वर की धार्मिकता को पूर्ण नहीं कर सकता (याकूब 1:20)।मूसा की व्यवस्था (Law / Shariat) क्रोध, दोषारोपण और दंड को प्रकट करती है, जबकि मसीह (Yeshu Masih) अनुग्रह, प्रेम और सत्य को प्रकट करते हैं।📖 “व्यवस्था क्रोध उत्पन्न करती है।” — रोमियों 4:15📖 “पाप की शक्ति व्यवस्था है।” — 1 कुरिन्थियों 15:56📖 “व्यवस्था के द्वारा पाप की पहचान होती है।” — रोमियों 7:7–8व्यवस्था = ग़ुस्सा, दंड, भय, और गुलामी की आत्मा (fear & bondage)अनुग्रह = जीवन, स्वतंत्रता, प्रेम और मसीह की धार्मिकता (righteousness by faith)✔ मूसा की व्यवस्था परमेश्वर के गुस्से को प्रकट करती थी (खुरूज 34:6–7)✔ मसीह के द्वारा अनुग्रह और सत्य प्रकट हुआ (यूहन्ना 1:16–17)✔ व्यवस्था मृत्यु की सेवा है; अनुग्रह जीवन और धर्म की सेवा है (2 कुरिन्थियों 3)यीशु मसीह ने वह सारा क्रोध अपने ऊपर ले लिया जो आदम की अवज्ञा से संसार में आया था (रोमियों 5:12–20)।इसलिए जो मसीह में हैं, वे न व्यवस्था के अधीन हैं, न दंड के — बल्कि अनुग्रह के अधीन हैं (रोमियों 6:14)।🔵 व्यवस्था सुनने से भय और गुलामी की आत्मा आती है।🔵 मसीह के वचन से विश्वास और पवित्र आत्मा की स्वतंत्रता आती है। (2 तीमुथियुस 1:7)यही कारण है कि फैरीसी, व्यवस्था के शिक्षक और झूठे मसीह अंधकार के सेवक कहलाए — क्योंकि वे लोगों को अनुग्रह से दूर करके फिर से व्यवस्था और डर की गुलामी में ले जाते हैं (मत्ती 23, 2 कुरिन्थियों 11:13–15)।परन्तु मसीह में हम सब एक हैं — न यहूदी, न यूनानी, न दास, न स्वतंत्र — हम सब मसीह की संतति और इब्राहीम की प्रतिज्ञा के वारिस हैं (गलातियों 3:28–29; कुलुस्सियों 3:11)।⭐ Main Message (Simple Hindi)मूसा की व्यवस्था क्रोध और दंड दिखाती थी।मसीह का अनुग्रह हमें बताता है कि परमेश्वर हमसे प्रेम करता है और कभी नहीं छोड़ता।व्यवस्था का काम था पाप को प्रकट करना,लेकिन मसीह का काम है हमें बचाना, बदलना और नया जीवन देना।⭐ Main Message (Roman Hindi)Musa ki sharīat gussa, dand aur dosh ko zahir karti thi.Masih ka fazl (grace) batata hai ki Khuda humse pyaar karta hai aur hamesha saath hai.Sharīat paap ko zinda karti hai,par Masih iman se zindagi deta hai.🔍 SEO Keywords (YouTube tags)मूसा की व्यवस्थायीशु मसीह का अनुग्रहgrace vs law bible studyक्यों व्यवस्था क्रोध उत्पन्न करती हैबाइबल में गुस्सा और धार्मिकताshariat aur fazlNew Covenant teaching HindiRomans 4:15 explanationJacob 1:20 teachingGalatians 3 Hindi

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1 month ago
18 minutes 54 seconds

YASHARIM EL BIBLE STUDY PODCASTE HINDI URDU
"जो तलवार चलाते हैं वे सब तलवार से नष्‍ट किए जाएँगे।

यीशु का धोखे से पकड़ा जाना(मरकुस 14:43–50; लूका 22:47–53; यूह 18:3–12)47वह यह कह ही रहा था कि यहूदा जो बारहों में से एक था आया, और उसके साथ प्रधान याजकों और लोगों के पुरनियों की ओर से बड़ी भीड़, तलवारें और लाठियाँ लिये हुए आई। 48उसके पकड़वानेवाले ने उन्हें यह संकेत दिया था : “जिसको मैं चूम लूँ वही है; उसे पकड़ लेना।” 49और तुरन्त यीशु के पास आकर कहा, “हे रब्बी, नमस्कार!” और उसको बहुत चूमा। 50यीशु ने उससे कहा, “हे मित्र, जिस काम के लिये तू आया है, उसे कर ले।” तब उन्होंने पास आकर यीशु पर हाथ डाले और उसे पकड़ लिया। 51यीशु के साथियों में से एक ने हाथ बढ़ाकर अपनी तलवार खींच ली और महायाजक के दास पर चलाकर उस का कान उड़ा दिया। 52तब यीशु ने उससे कहा, “अपनी तलवार म्यान में रख ले क्योंकि जो तलवार चलाते हैं वे सब तलवार से नष्‍ट किए जाएँगे। 53क्या तू नहीं जानता कि मैं अपने पिता से विनती कर सकता हूँ, और वह स्वर्गदूतों की बारह पलटन से अधिक मेरे पास अभी उपस्थित कर देगा? 54परन्तु पवित्रशास्त्र की वे बातें कि ऐसा ही होना अवश्य है, कैसे पूरी होंगी?” 55उस समय यीशु ने भीड़ से कहा, “क्या तुम तलवारें और लाठियाँ लेकर मुझे डाकू के समान पकड़ने के लिये निकले हो? मैं हर दिन मन्दिर में बैठकर उपदेश दिया करता था, और तुम ने मुझे नहीं पकड़ा। 56परन्तु यह सब इसलिये हुआ है कि भविष्यद्वक्‍ताओं के वचन पूरे हों।” तब सब चेले उसे छोड़कर भाग गए।

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1 month ago
23 minutes 29 seconds

YASHARIM EL BIBLE STUDY PODCASTE HINDI URDU
संयम की आत्मा भाग – 2 एल्याह नबी मूसा नबी के बारे में

संयम की आत्मा भाग – 2 एल्याह नबी मूसा नबी के बारे मेंमुका 11दो गवाह1और मुझे 'लाठी की तरह एक नापने की लकड़ी दी गई, और किसी ने कहा, उठकर ख़ुदा के मक़्दिस और क़ुर्बानगाह और उसमें के इबादत करने वालों को नाप। 2और उस सहन को जो मक़्दिस के बाहर है अलग कर दे, और उसे न नाप क्यूँकि वो ग़ैर — क़ौमों को दे दिया गया है; वो मुक़द्दस शहर को बयालीस महीने तक पामाल करेंगी। 3“और मैं अपने दो गवाहों को इख़्तियार दूँगा, और वो टाट ओढ़े हुए एक हज़ार दो सौ साठ दिन तक नबुव्वत करेंगे।” 4ये वही ज़ैतून के दो दरख़्त और दो चिराग़दान हैं जो ज़मीन के ख़ुदावन्द के सामने खड़े हैं। 5और अगर कोई उन्हें तकलीफ़ पहुँचाना चाहता है, तो उनके मुँह से आग निकलकर उनके दुश्मनों को खा जाती है; और अगर कोई उन्हें तकलीफ़ पहुँचाना चाहेगा, तो वो ज़रूर इसी तरह मारा जाएगा। 6उनको इख़्तियार है आसमान को बन्द कर दें, ताकि उनकी नबुव्वत के ज़माने में पानी न बरसे, और पानियों पर इख़्तियार है कि उनको ख़ून बना डालें, और जितनी दफ़ा' चाहें ज़मीन पर हर तरह की आफ़त लाएँ। 7जब वो अपनी गवाही दे चुकेंगे, तो वो हैवान जो अथाह गड्ढे से निकलेगा, उनसे लड़कर उन पर ग़ालिब आएगा और उनको मार डालेगा। 8और उनकी लाशें उस येरूशलेम के बाज़ार में पड़ी रहेंगी, जो रूहानी ऐ'तिबार से सदूम और मिस्र कहलाता है, जहाँ उनका ख़ुदावन्द भी मस्लूब हुआ था। 9उम्मतों और क़बीलों और अहल — ए — ज़बान और क़ौमों में से लोग उनकी लाशों को साढ़े तीन दिन तक देखते रहेंगे, और उनकी लाशों को क़ब्र में न रखने देंगे। 10और ज़मीन के रहनेवाले उनके मरने से ख़ुशी मनाएँगे और शादियाने बजाएँगे, और आपस में तुह्फ़े भेजेंगे, क्यूँकि इन दोनों नबियों ने ज़मीन के रहनेवालों को सताया था। 11और साढ़े तीन दिन के बाद ख़ुदा की तरफ़ से उनमें ज़िन्दगी की रूह दाख़िल हुई, और वो अपने पाँव के बल खड़े हो गए और उनके देखनेवालों पर बड़ा ख़ौफ़ छा गया। 12और उन्हें आसमान पर से एक ऊँची आवाज़ सुनाई दी, “यहाँ ऊपर आ जाओ!” पस वो बादल पर सवार होकर आसमान पर चढ़ गए और उनके दुश्मन उन्हें देख रहे थे।

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2 months ago
25 minutes 17 seconds

YASHARIM EL BIBLE STUDY PODCASTE HINDI URDU
संयम की आत्मा”

2 तीमुथियुस 1:7

“क्योंकि परमेश्वर ने हमें भय की आत्मा नहीं दी, परन्तु सामर्थ, प्रेम और संयम (या आत्म-संयम) की आत्मा दी है।

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2 months ago
15 minutes 23 seconds

YASHARIM EL BIBLE STUDY PODCASTE HINDI URDU
चार सौ ताव (400 चिन्ह) — पाप, गुलामी, मृत्यु और शाप — मूसा की व्यवस्था के अधीन हैं।”

यशायाह 531जो समाचार हमें दिया गया, उसका किसने विश्‍वास किया? और यहोवा का भुजबल किस पर प्रगट हुआ? 2क्योंकि वह उसके सामने अँकुर के समान, और ऐसी जड़ के समान उगा जो निर्जल भूमि में फूट निकले; उसकी न तो कुछ सुन्दरता थी कि हम उसको देखते, और न उसका रूप ही हमें ऐसा दिखाई पड़ा कि हम उसको चाहते। 3वह तुच्छ जाना जाता और मनुष्यों का त्यागा हुआ था; वह दु:खी पुरुष था, रोग से उसकी जान पहिचान थी; और लोग उससे मुख फेर लेते थे। वह तुच्छ जाना गया, और हम ने उसका मूल्य न जाना।4निश्‍चय उसने हमारे रोगों को सह लिया और हमारे ही दु:खों को उठा लिया; तौभी हम ने उसे परमेश्‍वर का मारा–कूटा और दुर्दशा में पड़ा हुआ समझा। 5परन्तु वह हमारे ही अपराधों के कारण घायल किया गया, वह हमारे अधर्म के कामों के कारण कुचला गया; हमारी ही शान्ति के लिये उस पर ताड़ना पड़ी, कि उसके कोड़े खाने से हम लोग चंगे हो जाएँ। 6हम तो सब के सब भेड़ों के समान भटक गए थे; हम में से हर एक ने अपना अपना मार्ग लिया; और यहोवा ने हम सभों के अधर्म का बोझ उसी पर लाद दिया।7वह सताया गया, तौभी वह सहता रहा और अपना मुँह न खोला; जिस प्रकार भेड़ वध होने के समय और भेड़ी ऊन कतरने के समय चुपचाप शान्त रहती है, वैसे ही उसने भी अपना मुँह न खोला। 8अत्याचार करके और दोष लगाकर वे उसे ले गए; उस समय के लोगों में से किसने इस पर ध्यान दिया कि वह जीवतों के बीच में से उठा लिया गया? मेरे ही लोगों के अपराधों के कारण उस पर मार पड़ी। 9उसकी कब्र भी दुष्‍टों के संग ठहराई गई, और मृत्यु के समय वह धनवान का संगी हुआ, यद्यपि उसने किसी प्रकार का उपद्रव न किया था और उसके मुँह से कभी छल की बात नहीं निकली थी।10तौभी यहोवा को यही भाया कि उसे कुचले; उसी ने उसको रोगी कर दिया; जब वह अपना प्राण दोषबलि करे, तब वह अपना वंश देखने पाएगा, वह बहुत दिन जीवित रहेगा; उसके हाथ से यहोवा की इच्छा पूरी हो जाएगी। 11वह अपने प्राणों का दु:ख उठाकर उसे देखेगा और तृप्‍त होगा; अपने ज्ञान के द्वारा मेरा धर्मी दास बहुतेरों को धर्मी ठहराएगा; और उनके अधर्म के कामों का बोझ आप उठा लेगा। 12इस कारण मैं उसे महान् लोगों के संग भाग दूँगा, और वह सामर्थियों के संग लूट बाँट लेगा; क्योंकि उसने अपना प्राण मृत्यु के लिये उण्डेल दिया, वह अपराधियों के संग गिना गया, तौभी उसने बहुतों के पाप का बोझ उठा लिया, और अपराधियों के लिये विनती करता है।

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2 months ago
37 minutes 30 seconds

YASHARIM EL BIBLE STUDY PODCASTE HINDI URDU
मसीह में चुना जाना बुलाहट इख़्तयारऔर िशफ़ा

जब सारा ने ख़ुदा के वचन को सिर्फ़ सुना नहीं, बल्कि सच्‍चाई की रूह से कबूल किया, तभी मरे हुए गर्भ में जीवन आया — और उसने संतान को जन्म देने की सामर्थ्य पाई।👉 इसलिए मसला वचन सुनने का नहीं, बल्कि उसे सच्‍चाई की रूह से स्वीकार करने का है।जब दिल वचन में लग जाता है, तब वचन मुझसम (देहधारी) हो जाता है — और जीवन में असर करता है।क्योंकि लिखा है:यशायाह 55:11 — “मेरा वचन जो मेरे मुख से निकलता है, वह व्यर्थ मेरे पास न लौटेगा, बल्कि जो कुछ मैं चाहता हूं उसे पूरा करेगा।”🔥 मुख्य संदेश:पहले बुलाहट (Calling) आती है, फिर इख़्तियार (Authority)।बुलाहट पहचानो — जो बुलाए गए हैं, वही इख़्तियार पाते हैं।बिना बुलाहट, बिना दर्शन (Vision), जीवन अनियंत्रित और दिशाहीन हो जाता है (नीतिवचन 29:18)।वचन को सिर्फ सुनो मत, सच्‍चाई की रूह से ग्रहण करो — तब मृत भागों में जीवन फूटेगा।मसीह येशुआ में हमें चुना गया है, ताकि हम फल लाएँ और हमारे जीवन में उसका वचन जीवित हो।💫 बाइबल पद:यूहन्ना 15:16 — “तुमने मुझे नहीं चुना, बल्कि मैंने तुम्हें चुना है… ताकि तुम्हारा फल बना रहे।”यशायाह 53:5 — “उसके मार खाने से हम चंगे हुए।”भजन संहिता 103:3 — “वही तो तेरे सब पापों को क्षमा करता और तेरे सब रोगों को चंगा करता है।”मत्ती 10:1 — “उसने अपने शिष्यों को नापाक आत्माओं पर अधिकार दिया, कि वे सब रोग और दुर्बलता दूर करें।”तीसरा यूहन्ना 1:2 — “जिस प्रकार तेरी आत्मा उन्नति कर रही है, उसी प्रकार तू सब बातों में उन्नति करे और स्वस्थ रहे।”🙌 मसीही प्रेरणा:अपना दिल वचन में लगाओ, क्योंकि दिल ही ज़िंदगी का स्रोत है।सुनने से नहीं — सच्‍चाई की रूह से कबूल करने से वचन काम करता है।येशुआ मसीह में ही शिफ़ा, चंगाई और जीवन की नयी ताजगी है।Yeshua Masiach Raphe, Elohim Adonai hai — वही हमारा शाफ़ी (चंगाई देने वाला) है।🎧 वीडियो में मिलेगा:बुलाहट (Calling) और इख़्तियार (Authority) का रहस्यवचन की शक्ति और सच्‍चाई की रूह का अनुभवआत्मिक शिफ़ा और आंतरिक जीवन का परिवर्तनयेशुआ मसीह में आपका उद्देश्य और बुलाहट💬 टैग्स (YouTube SEO Tags)#CallingInChrist #YeshuaMasih #Shifa #Ikhtiyar #BibleHindi #KalamKiShakti #MasihMeinZindagi #SachchaiKiRuh #YeshuaRaphe #ChristianHindiMessage

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2 months ago
26 minutes 31 seconds

YASHARIM EL BIBLE STUDY PODCASTE HINDI URDU
इसहाक के विवाह का वर्णन

उत्पत्ति 24इसहाक के विवाह का वर्णन1अब्राहम अब वृद्ध हो गया था और उसकी आयु बहुत थी और यहोवा ने सब बातों में उसको आशीष दी थी। 2अब्राहम ने अपने उस दास से, जो उसके घर में पुरनिया और उसकी सारी सम्पत्ति पर अधिकारी था, कहा, “अपना हाथ मेरी जाँघ के नीचे रख; 3और मुझ से आकाश और पृथ्वी के परमेश्‍वर यहोवा की इस विषय में शपथ खा कि तू मेरे पुत्र के लिये कनानियों की लड़कियों में से, जिनके बीच मैं रहता हूँ, किसी को न लाएगा। 4परन्तु तू मेरे देश में मेरे ही कुटुम्बियों के पास जाकर मेरे पुत्र इसहाक के लिये एक पत्नी ले आएगा।” 5दास ने उससे कहा, “कदाचित् वह स्त्री इस देश में मेरे साथ आना न चाहे; तो क्या मुझे तेरे पुत्र को उस देश में जहाँ से तू आया है ले जाना पड़ेगा?” 6अब्राहम ने उससे कहा, “चौकस रह, मेरे पुत्र को वहाँ कभी न ले जाना। 7स्वर्ग का परमेश्‍वर यहोवा, जिसने मुझे मेरे पिता के घर से और मेरी जन्म–भूमि से ले आकर मुझ से शपथ खाई और कहा कि मैं यह देश तेरे वंश को दूँगा, वही अपना दूत तेरे आगे आगे भेजेगा कि तू मेरे पुत्र के लिये वहाँ से एक स्त्री ले आए। 8परन्तु यदि वह स्त्री तेरे साथ आना न चाहे तब तो तू मेरी इस शपथ से छूट जाएगा; पर मेरे पुत्र को वहाँ न ले जाना।” 9तब उस दास ने अपने स्वामी अब्राहम की जाँघ के नीचे अपना हाथ रखकर उससे इस विषय की शपथ खाई।10तब वह दास अपने स्वामी के ऊँटों में से दस ऊँट छाँटकर, उसके सब उत्तम–उत्तम पदार्थों में से कुछ कुछ लेकर चला; और मेसोपोटामिया में नाहोर के नगर के पास पहुँचा। 11उसने ऊँटों को नगर के बाहर एक कुएँ के पास बैठाया। वह संध्या का समय था, जिस समय स्त्रियाँ जल भरने के लिये निकलती हैं। 12वह कहने लगा, “हे मेरे स्वामी अब्राहम के परमेश्‍वर यहोवा, आज मेरे कार्य को सिद्ध कर, और मेरे स्वामी अब्राहम पर करुणा कर। 13देख, मैं जल के इस सोते के पास खड़ा हूँ; और नगरवासियों की बेटियाँ जल भरने के लिये निकली आती हैं : 14इसलिये ऐसा होने दे कि जिस कन्या से मैं कहूँ, ‘अपना घड़ा मेरी ओर झुका कि मैं पीऊँ,’ और वह कहे, ‘ले, पी ले, पीछे मैं तेरे ऊँटों को भी पिलाऊँगी,’ : यह वही हो जिसे तू ने अपने दास इसहाक के लिये ठहराया हो; इसी रीति मैं जान लूँगा कि तू ने मेरे स्वामी पर करुणा की है।”15और ऐसा हुआ कि जब वह कह ही रहा था कि रिबका, जो अब्राहम के भाई नाहोर के जन्माये मिल्का के पुत्र बतूएल की बेटी थी, वह कन्धे पर घड़ा लिये हुए आई। 16वह अति सुन्दर और कुमारी थी, और किसी पुरुष का मुँह न देखा था। वह कुएँ में सोते के पास उतर गई, और अपना घड़ा भर के फिर ऊपर आई। 17तब वह दास उससे भेंट करने को दौड़ा, और कहा, “अपने घड़े में से थोड़ा पानी मुझे पिला दे।” 18उसने कहा, “हे मेरे प्रभु, ले, पी ले,” और उसने जल्दी से घड़ा उतारकर हाथ में लिये लिये उसको पिला दिया। 19जब वह उसको पिला चुकी, तब कहा, “मैं तेरे ऊँटों के लिये भी तब तक पानी भर भर लाऊँगी, जब तक वे पी न चुकें।” 20तब वह तुरन्त अपने घड़े का जल हौदे में उण्डेलकर फिर कुएँ पर भरने को दौड़ गई, और उसके सब ऊँटों के लिये पानी भर दिया। 21वह पुरुष उसकी ओर चुपचाप अचम्भे के साथ ताकता हुआ यह सोचता था कि यहोवा ने मेरी यात्रा को सफल किया है कि नहीं।22जब ऊँट पी चुके, तब उस पुरुष ने आधा तोला सोने का एक नथ निकालकर उसको दिया, और दस तोले सोने के कंगन उसके हाथों में पहिना दिए; 23और पूछा, “तू किसकी बेटी है, यह मुझ को बता। क्या तेरे पिता के घर में हमारे टिकने के लिये स्थान है?” 24उसने उत्तर दिया, “मैं तो नाहोर के जन्माए मिल्का के पुत्र बतूएल की बेटी हूँ।” 25फिर उसने उससे कहा, “हमारे यहाँ पुआल और चारा बहुत है, और टिकने के लिये स्थान भी है।” 26तब उस पुरुष ने सिर झुकाकर यहोवा को दण्डवत् करके कहा, 27“धन्य है मेरे स्वामी अब्राहम का परमेश्‍वर यहोवा, जिसने अपनी करुणा और सच्‍चाई को मेरे स्वामी पर से हटा नहीं लिया; यहोवा ने मुझ को ठीक मार्ग पर चलाकर मेरे स्वामी के भाई–बन्धुओं के घर पर पहुँचा दिया है।”28तब उस कन्या ने दौड़कर अपनी माता के घर में यह सारा वृत्तान्त कह सुनाया। 29तब लाबान जो रिबका का भाई था, बाहर कुएँ के निकट उस पुरुष के पास दौड़ा गया। 30और ऐसा हुआ कि जब उसने वह नथ और अपनी बहिन रिबका के हाथों में वे कंगन भी देखे, और उसकी यह बात भी सुनी कि उस पुरुष ने मुझ से ऐसी बातें कहीं; तब वह उस पुरुष के पास गया; और क्या देखा कि वह सोते के निकट ऊँटों के पास खड़ा है। 31उसने कहा, “हे यहोवा की ओर से धन्य पुरुष, भीतर आ। तू क्यों बाहर खड़ा है? मैं ने घर को, और ऊँटों के लिये भी स्थान तैयार किया है।” 32इस पर वह पुरुष घर में गया; और लाबान ने ऊँटों की काठियाँ खोलकर उन्हें पुआल और चारा दिया, और उसके और उसके साथियों के पाँव धोने को जल

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2 months ago
24 minutes 6 seconds

YASHARIM EL BIBLE STUDY PODCASTE HINDI URDU
खुदा के िलए कल्पना और िवचार सच्चाई है

मगर सच्चाई यह भी है —यह लड़ाई ख़ून और मांस के द्वारा है,हालाँकि ख़ून और मांस के ख़िलाफ़ नहीं।यानी यह जंग है पाक और नापाक इरादों की,पाक और नापाक रूह की,पाक और नापाक कल्पनाओं की।शब्दों की रूहानी ताक़त और जिस्मानी कलाम की लड़ाई,रूहानी नीयत और जिस्मानी नीयत की लड़ाई।जो हमारे दिल और दिमाग पर राज करती है,दिल और दिमाग के द्वारा जिस्म पर और जिस्म के द्वारा दुनिया पर।यह लड़ाई है अबदी सच्चाई और अबदी झूठ की।यह सच्चाई है जिस्म और रूह की।यह लड़ाई है बुरी ख़्वाहिश की जो जिस्म पर बादशाही करती है,और पाक ख़्वाहिश की जो ईमान से आती है।इसीलिए मसीह यीशु भी इस ख़ून और मांस की जंग में शरीक हुए,और अब्बा आसमानी भी।2 इतिहास 20:15“क्योंकि यह जंग तुम्हारी नहीं, बल्कि ख़ुदा की है।”मगर यह जंग ख़ून और मांस के द्वारा है —यानी ख़ुदा के चुने हुए वसीलों के ज़रिए।उत्पत्ति 6:5“यहोवा ने देखा कि मनुष्य के दिल के विचार सदा बुरे ही हैं।”मरकुस 7:21–23“क्योंकि भीतर से, यानी मनुष्य के दिल से, बुरे विचार, चोरी, हत्या, व्यभिचार, लालच, दुष्टता... निकलते हैं।”गलातियों 5:17–21“क्योंकि शरीर रूह के विरोध में इच्छा करता है और रूह शरीर के विरोध में... ताकि तुम जो चाहते हो वह न करो।”इब्रानियों 4:12“क्योंकि ख़ुदा का कलाम जीवित और प्रभावशाली है, और हर एक दोधारी तलवार से भी तीव्र है;यह आत्मा और प्राण, जोड़-गाँठ और मज्जा को अलग करता है, और दिल के विचारों और इरादों को जांचता है।”2 कुरिन्थियों 10:3–5“हम भले ही शरीर में चलते हैं, पर शरीर के अनुसार नहीं लड़ते...हम हर एक ख़याल को कैद करके मसीह का आज्ञाकारी बनाते हैं।”इफिसियों 6:13–18“इसलिए ख़ुदा के सारे हथियार बाँध लो... सचाई से अपनी कमर कसो,धार्मिकता का बख़्तर पहनो, ईमान की ढाल उठाओ,और आत्मा की तलवार — जो ख़ुदा का कलाम है — ले लो।”इब्रानियों 2:14–18“चूँकि बच्चे रक्त और शरीर के सहभागी हैं,इसलिए वह स्वयं भी उनमें सहभागी हुआ ताकि मृत्यु के द्वारा उस को नाश कर दे,जिसे मृत्यु पर अधिकार था — यानी इब्लीस को।”फिलिप्पियों 4:8–9“जो बातें सच्ची हैं, जो बातें माननीय हैं, जो बातें धर्मयुक्त हैं,जो बातें पवित्र हैं, जो बातें मनोहर हैं,उन पर ध्यान करो... तब शांति का ख़ुदा तुम्हारे साथ रहेगा।”यशायाह 26:3“जिसका दिल स्थिर है, तू उसे शांति में रखेगा, क्योंकि वह तुझ पर भरोसा रखता है।”यूहन्ना 17:17,19“उन्हें सच्चाई के द्वारा पवित्र कर — तेरा वचन सच्चाई है।और उनके लिये मैं अपने आप को पवित्र करता हूँ, ताकि वे भी सच्चाई के द्वारा पवित्र किए जाएँ।”तीतुस 3:5–6“उसने हमें उद्धार दिया, न हमारे धार्मिक कर्मों के कारण,बल्कि अपनी दया के अनुसार — नयी पैदाइश के स्नान और रूहुलक़ुद्स के नवीनीकरण के द्वारा,जिसे उसने हमारे उद्धारकर्ता यीशु मसीह के द्वारा हम पर प्रचुरता से उँडेला।”

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2 months ago
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एक सौ बीस EK SAU BIS

उत्पत्ति 6मनुष्य जाति की दुष्‍टता1फिर जब मनुष्य भूमि के ऊपर बहुत बढ़ने लगे, और उनके बेटियाँ उत्पन्न हुईं, 2तब परमेश्‍वर के पुत्रों ने मनुष्य की पुत्रियों को देखा, कि वे सुन्दर हैं, और उन्होंने जिस जिसको चाहा उनसे विवाह कर लिया। 3तब यहोवा ने कहा, “मेरा आत्मा मनुष्य से सदा लों विवाद करता न रहेगा, क्योंकि मनुष्य भी शरीर ही है; उसकी आयु एक सौ बीस वर्ष की होगी।” 4उन दिनों में पृथ्वी पर दानव रहते थे; और इसके पश्‍चात् जब परमेश्‍वर के पुत्र मनुष्य की पुत्रियों के पास गए तब उनके द्वारा जो पुत्र उत्पन्न हुए वे शूरवीर होते थे, जिनकी कीर्ति प्राचीनकाल से प्रचलित है।5यहोवा ने देखा कि मनुष्यों की बुराई पृथ्वी पर बढ़ गई है, और उनके मन के विचार में जो कुछ उत्पन्न होता है वह निरन्तर बुरा ही होता है। प्रेरितों 1: 15उन्हीं दिनों में पतरस भाइयों के बीच में जो एक सौ बीस व्यक्‍ति के लगभग थे, प्रेरितों 2पवित्र आत्मा का उतरना1जब पिन्तेकुस्त का दिन आया, तो वे सब एक जगह इकट्ठे थे। 2एकाएक आकाश से बड़ी आँधी की सी सनसनाहट का शब्द हुआ, और उससे सारा घर जहाँ वे बैठे थे, गूँज गया। 3और उन्हें आग की सी जीभें फटती हुई दिखाई दीं और उनमें से हर एक पर आ ठहरीं। 4वे सब पवित्र आत्मा से भर गए, और जिस प्रकार आत्मा ने उन्हें बोलने की सामर्थ्य दी, वे अन्य अन्य भाषा बोलने लगे।

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2 months ago
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खुदा दिल को जांचता है Khudawand dil ko janchta hai

Yeremiyah 17:10“Main, Khudāwand, dil ko jānchtā aur zihin ko azmātā hoon, tāke har ek ko uske rawaiye aur amal ke mutābiq badla doon.”Zaboor 139:1-2“Ai Khudā, tu ne mujhe talaash karke jaan liya hai.Tu jān ta hai main kab baithta aur kab uthta hoon;tu mere khayāl ko door se samajhta hai.”AAJ KA PARKASHAN MEN MEN PARKASH KI RUH HUM JIS BAAT KO PARKASHAN KARNE JA RAHEN WUHHAI“दिल → नीयत → इरादाdil ke tasawwur aur ḳhayálTO LUCIFAR MAMSU CHURBI THA YE BAAT AM HAI .,OR SAB PAR ZAHIR OR WUH KHUDA KE PAVITER PAHAD PAR REHTH THA ., KHUDA KA JALAL USMEN SE zahir hota thaWuh khuda ka usi se zahir hota tha magar jab uska dil khuda ke mutabik na raha yani jab uska dil khuda ki dharmikta men na raha to usneWuh jagah wuh sathan wuh rutba kho diyaTo phir uski jagah khuda ka jalal or uska sathan jo khuda ka paviter pahad thi kis cheez par tika th aqayim tha .,Dilli niyat irade par uske dil men garoor sama yuhi uske khyal or irade uske dil men jo garoor aya uske mutabik hoye to usne wuh rutma jo mamsu churba tha jagah khuda ka paviter pahad jis jagah par uska dera tha usne gawa di kho di ,.To masla ye nhi hai ki aam kaise hai hai kis tarah ke masla ye bhi nhi aap kis jagah par hain masla ye hai ki apke dili niyat irade kaise hain .,Khuda pane buland bazu se bani Israel ko misr se to nikal laya thaGhulam, ki jagah se to nikal laya tha unko jismani taur parMugari ghulami ko ruh unme se nhi nikal .,Unko phir pherone hi chahiye tha ., magar phereon unke dil men se nikla to masla dil ka hai ,.

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2 months ago
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सच्चाई का ज्ञान और इ्ल्म तो है,क्या सच्चाई की रूह भी है?

सच्चाई की रूह का होना ज़रूरी है, ना कि सच्चाई का ज्ञान और जानकारी होना।सिर्फ जानने से नहीं,रूह से ही सच्चाई हमारे भीतर जीवित होती है।सिर्फ जानने से नहीं,रूह से ही सच्चाई हमारे भीतर जीवित होती है।

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2 months ago
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“पुराने िनयम के नबी फ़ज़्ल ढूँढते रहे, पर वह मसीह में हम पर प्रकट हुआ।”

1 पतरस 1: 9और अपने विश्‍वास का प्रतिफल अर्थात् आत्माओं का उद्धार प्राप्‍त करते हो।10इसी उद्धार के विषय में उन भविष्यद्वक्‍ताओं ने बहुत खोजबीन और जाँच–पड़ताल की, जिन्होंने उस अनुग्रह के विषय में जो तुम पर होने को था, भविष्यद्वाणी की थी। 11उन्होंने इस बात की खोज की कि मसीह का आत्मा जो उनमें था, और पहले ही से मसीह के दु:खों की और उसके बाद होनेवाली महिमा की गवाही देता था, वह कौन से और कैसे समय की ओर संकेत करता था। 12उन पर यह प्रगट किया गया कि वे अपनी नहीं वरन् तुम्हारी सेवा के लिये ये बातें कहा करते थे, जिनका समाचार अब तुम्हें उनके द्वारा मिला जिन्होंने पवित्र आत्मा के द्वारा, जो स्वर्ग से भेजा गया, तुम्हें सुसमाचार सुनाया; और इन बातों को स्वर्गदूत भी ध्यान से देखने की लालसा रखते हैं।

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2 months ago
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मसीह में रिश्ते MASIH MEN RISHTE

ख़ुदा हमारे पिता हैं — क्योंकि हम मसीह में उसके बेटे और बेटियाँ कहलाए (यूहन्ना 1:12)।यीशु हमारे भाई हैं — क्योंकि वही पहलौठा है और हम उसके साथ विरासत में भागी हैं (रोमियों 8:29)।विश्वासी आपस में भाई-बहन हैं — क्योंकि सब एक ही आत्मा से एक देह बने हैं (1 कुरिन्थियों 12:13)।कलीसिया मसीह की दुल्हन है — और मसीह उसका दूल्हा (इफिसियों 5:25-27)।मसीह सिर है, और हम उसके शरीर के अंग हैं (कुलुस्सियों 1:18)।हम इंसान पारिवारिक, शारीरिक और सांसारिक रूप से रिश्ते तो रखते हैं — माँ, पिता, भाई, बहन, पति, पत्नी, मित्र — पर क्या हम उन रिश्तों को ख़ुदा के दृष्टिकोण से समझते हैं?क्या हम उनमें रूहुल-कुद्स की समझ, हक़ की रूह, और क़लाम की हिदायत के अनुसार चलते हैं?यदि रिश्ते केवल नाम के हों, पर उनमें सच्ची मोहब्बत, नेक नीयत और पाक दिल न हो, तो वे रिश्ते मुरदा (मृत) हैं।क्योंकि ख़ुदा मोहब्बत है (1 यूहन्ना 4:8) — और जहाँ मोहब्बत नहीं, वहाँ ख़ुदा नहीं।क़लाम कहता है:"भ्रातृ प्रेम बना रहे।"(इब्रानियों 13:1)"और इन सब के ऊपर प्रेम को, जो सिद्धता का बंधन है, धारण करो।"(कुलुस्सियों 3:14)यानी हर रिश्ते का केंद्र प्रेम होना चाहिए।मसीह में परिवार – एक देहमसीह में हम सब एक ही परिवार हैं, एक ही देह हैं।यदि हम मसीह की रूह से चलते हैं, तो हमें यह समझना होगा कि हर रिश्ता —पिता-पुत्र, पति-पत्नी, भाई-बहन, माता-पुत्र, या मित्रता —ख़ुदा की देन है और उसका उद्देश्य है उसकी महिमा प्रकट करना।ख़ुदा का प्रेम – पिता और पुत्र का रिश्ता"क्योंकि परमेश्वर ने जगत से ऐसा प्रेम रखा कि उसने अपना इकलौता पुत्र दे दिया।"(यूहन्ना 3:16)पिता ने संसार से उसी तरह प्रेम किया जैसे वह अपने पुत्र से करता है।पुत्र ने भी पिता की इच्छा पूरी की — और इस आज्ञाकारिता ने प्रेम की पूर्णता को प्रकट किया।"पिता मुझसे इसलिए प्रेम रखता है कि मैं अपनी जान देता हूँ..."(यूहन्ना 10:17-18)यह हमें दिखाता है कि सच्चा रिश्ता बलिदान (sacrifice) से बनता है।प्रेम की पहचान"मैं तुम्हें एक नया आज्ञा देता हूँ कि जैसा मैंने तुमसे प्रेम रखा, वैसे ही तुम भी एक दूसरे से प्रेम रखो।"(यूहन्ना 13:34-35)जो मसीह में हैं, वे उसी प्रेम से दूसरों को देखते हैं — क्षमा करते हैं, धैर्य रखते हैं, और भलाई करते हैं।"प्रेम सब कुछ सह लेता है, सब कुछ विश्वास करता है, सब कुछ आशा रखता है, सब कुछ सहन करता है।"(1 कुरिन्थियों 13:7)रिश्तों का उद्देश्य – ख़ुदा की महिमाहर रिश्ता, चाहे वह पति-पत्नी का हो या भाई-बहन का,उसका मकसद है कि उसमें से मसीह का स्वभाव झलके।"हे पत्नियों, अपने पतियों के आधीन रहो जैसे प्रभु में उचित है... और हे पतियों, अपनी पत्नियों से प्रेम रखो जैसे मसीह ने कलीसिया से किया।"(कुलुस्सियों 3:18-19)"हे बच्चों, हर बात में अपने माता-पिता के आज्ञाकारी रहो, क्योंकि यह प्रभु में उचित है।"(कुलुस्सियों 3:20)"हे पिताओं, अपने बच्चों को क्रोधित न करो ताकि वे निराश न हों।"(कुलुस्सियों 3:21)यह सब केवल परिवार की व्यवस्था नहीं, बल्कि आत्मिक प्रशिक्षण है — ताकि हम ख़ुदा के परिवार जैसे बनें।सच्चे प्रेम की पहचान"यदि कोई कहे कि मैं परमेश्वर से प्रेम रखता हूँ, और अपने भाई से बैर रखता है, तो वह झूठा है।"(1 यूहन्ना 4:20)जो अपने भाई से, जिसे वह देखता है, प्रेम नहीं रखता, वह परमेश्वर से, जिसे उसने नहीं देखा, कैसे प्रेम रख सकता है?"सबसे बढ़कर यह है कि आपस में गहरी प्रेम रखो, क्योंकि प्रेम बहुत से पापों पर परदा डाल देता है।"(1 पत्रुस 4:8)मसीही घराने की शिक्षा"हे पत्नियों, अपने पतियों का आदर करो; हे पतियों, अपनी पत्नियों से प्रेम रखो; हे बच्चों, अपने माता-पिता की आज्ञा मानो; हे पिता, अपने बच्चों को क्रोधित न करो।"(इफिसियों 5:22–6:4)"हे वृद्ध पुरुषों, उन्हें पिता मानकर समझाओ; युवकों को भाइयों की तरह; वृद्ध स्त्रियों को माताओं की तरह; और जवान स्त्रियों को पवित्रता से बहनों की तरह समझो।"(1 तीमुथियुस 5:1-2)निष्कर्ष:मसीह में रिश्ता केवल रक्त से नहीं, आत्मा से जुड़ा है।जहाँ प्रेम है — वहाँ मसीह है।जहाँ क्षमा है — वहाँ रूहुल कुद्स काम करती है।जहाँ बलिदान है — वहाँ पिता की महिमा झलकती है।इसलिए, यदि मसीह हमारे भीतर जीवित है, तो हमारा हर रिश्ताउस जीवित प्रेम की गवाही देना चाहिए।"जो प्रेम में बना रहता है, वह परमेश्वर में बना रहता है, और परमेश्वर उसमें।"(1 यूहन्ना 4:16)

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व्यवस्थाविवरण 19 झूठी साक्षी JUTHA GAWAH false witness

TORAH YANI MUSA KI SHARIAT PURANDE AHD NAME KI 5 KITABURDU MENISTISNÁ HINDI MEN व्यवस्थाविवरणOR ENGLISH OR ENGLISH MEN Deuteronomy ka parkashan hai19: 15Kisí shaḳhs ke ḳhiláf us kí kisí badkárí yá gunáh ke báre meṉ, jo us se sarzad ho, ek hí gawáh bas nahíṉ; balki do gawáhoṉ, yá tín gawáhoṉ ke kahne se bát pakkí samjhí jáe. 16Agar koí jhúṭhá gawáh uṭhkar kisí ádmí kí badí kí nisbat gawáhí de; 17to wuh donoṉ ádmí, jin ke bích yih jhagṛá ho, ḲHUDÁWAND ke huzúr káhinoṉ aur un dinoṉ ke qázíoṉ ke áge khaṛe hon; 18aur qází ḳhúb tahqíqát kareṉ: aur agar wuh gawáh jhúṭhá nikle, aur us ne apne bháí ke ḳhiláf jhúṭhí gawáhí dí ho; 19to jo hál us ne apne bháí ká karná cháhá thá, wuhí tum us ká karná: aur yúṉ aisí buráí ko apne darmiyán se dafa‘ kar dená.रोमियों 2:1 इसलिए हे न्याय करनेवाले मनुष्य, तुममें से हर एक के पास कोई बहाना नहीं है। क्योंकि दूसरे पर दोष लगाकर तुम अपने आप को दोषी ठहराते हो, इसलिये कि तुम न्याय करते हुए भी वही काम करते हो।

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3 months ago
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“यीशु की सलीब में ‘अलफ़–ताव’ का प्रकाश” ✝️ “Yeshu ki Saleeb mein ‘Aleph–Tav’ ka Prakash”

Ibrani juban lafzon ki nahi, nishanon aur chinhon ki bhasha hai.Har akshar ek roohani tasveer, ek ilahi chinh hai —jo Khuda ke plan, uske swabhav, aur uske vachan ka prakāsh karta hai.Jab hum Ibrani aksharon ko dekhte hain, to unme Yeshu Masih ka roop chhupa milta hai.Aleph se lekar Tav tak — har akshar Masih ki zindagi, uske balidan aur uske punarutthan (resurrection) ko zahir karta hai.Saleeb par jab Aleph aur Tav ek saath hue,to wahi pal tha jab nayi paidaish (new creation) hui.Jaise utpatti mein likha hai —“Bereshit bara Elohim et (Aleph–Tav) hashamayim ve’et ha’aretz” —“Shuruaat mein Khuda ne Aleph–Tav ke madhyam se aasmaan aur zameen ko banaya.”Wahan Aleph–Tav ek saath aaye aur pehli creation hui,aur Saleeb par jab phir Aleph–Tav ek hue —nayi creation (new birth) hui,jo har us vyakti mein zahir hoti hai jo Masih mein hai.“Jo Masih mein hai, woh nayi srishti hai.” (2 Kurinthiyon 5:17)Is tarah Ibrani bhasha khud Masih ke sharir ka naksha hai —jahan har akshar ek ang, ek kaam, aur ek rahasya ko zahir karta hai.Aur jab ruh l-quds (pavitra atma) us par roshni dalti hai,to fazl aur sachchai ke adhīn,Yeshu ki Saleeb se Aleph–Tav ka prakāsh nayi zindagi mein badal jaata hai.🕊️ Yani, Ibrani juban chinon ki bhasha hai — aur un chinhon ka kendra Yeshu Masih hai.Jahan Aleph se Tav tak sab kuch usme poora hua,aur Saleeb se nayi paidaish shuru hui.अलफ़ (א) हिब्रू वर्णमाला का पहला अक्षर है —जो शुरुआत (Beginning) का प्रतीक है।ताव (ת) आखिरी अक्षर है —🕊️ इसलिए सलीब पर केवल रक्त नहीं बहा —वहाँ से ‘अलफ़–ताव’ का प्रकाश फैला,जो आज भी हर उस आत्मा को छूता हैजो सलीब की ओर विश्वास से देखती है।Ibrani bhasha ke har akshar mein ek ruhani raaz chhupa hai. Jab Yeshu Masih Saleeb par uthaye gaye, to unke sharir ke har ang ne ek Ibrani akshar ka nishan zahir kiya — jaise Aleph se Tav tak, poora Ilahi Vachan deh mein pragat ho gaya.Yuhanna 19 mein likha hai ki Pilatus ne likh diya:“Yeshua HaNotzri U’Melekh HaYehudim” — Yeshu Nasri, Yahudiyon ka Badshah.Ye lafz Ibrani aksharon Yud–Hey–Vav–Hey (YHWH) se milkar bana, jisme Yahweh ka Naam chhupa tha.Is tarah Saleeb par Masih ne na sirf apna khoon bahaaya, balki Naam aur Vachan dono ka prakāsh dikhaya.Mukashefa 1:8 mein Khuda farmata hai:“Main Alpha aur Omega hoon — Ibtida aur Intiha.”Ibrani mein yahi “Aleph–Tav” hai — pehla aur aakhri akshar.Aleph ki numerical value hai 1 — jo Khuda ki Wahdaniyat, uski mohabbat aur uske roohani asal ko zahir karti hai:“Khuda ek hai; Khuda rooh hai; Khuda sachchai hai.”Tav ki numerical value hai 400 — jo poornata, samapti, aur qurbani ka nishan hai. Ibrani mein Tav ka purana roop ek cross (×) jaisa tha — aur isi mein Saleeb ka rahasya chhupa tha.Yeshu Aleph bhi hai — zindagi, ibtida, kalām jo deh bana (Yuhanna 1:1),aur Tav bhi hai — ant, poornata, qurbani, aur nayi srishti ka prarambh.Jab Aleph aur Tav ek saath hue, to creation hui (Bereshit bara Elohim et – Aleph Tav),aur jab Saleeb par phir se Aleph–Tav ek hue, to nayi creation hui —“Jo Masih mein hai, woh nayi srishti hai.” (2 Kurinthiyon 5:17)Is prakāsh mein, Saleeb sirf maut ka nishan nahin — fazl aur sachchai ke adhīn zindagi ka darwaza hai.Musa ki shariat ke tahat Tav la’nat thi,par Masih ke fazl mein wahi Tav nayi zindagi aur nayi ibtida ban gayi.“Masih ne humein shariat ki la’nat se chhudaya,kyunki likha hai, jo lakdi par latkaya gaya, woh la’nati hai.” (Galatiyon 3:13)Par ruh l-quds ke madhyam se yeh la’nat barakat mein badli —aur Saleeb par Aleph–Tav ka prakash zahir hua.

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